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दो रोजगार

                
                                                         
                            हमारा प्यारा बिहार
                                                                 
                            
मांग रहा रोजगार
क्यों हैं हम बेरोजगार?
खोलो कारखाने हजार
दो सबको रोजगार
दो हर हाथ को काम
दो हर हाथ में दाम
रेल में खाएं धक्का मार
हम सहें अपमान बार बार
क्या नहीं हैं हम इंसान?
क्या हम नहीं हैं भगवान
के वीर संतान
बनाया जिसने जहान?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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2 घंटे पहले

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