देश हमारा कितना बड़ा था
शान से स्वाभिमान से खड़ा था
इसको टुकड़े टुकड़े किया कौन?
इतना बड़ा दर्द दिया कौन?
अंग्रेजों ने गहरी चाल चली
हमारे नेताओं की कुछ नहीं चली
चीन चालाक चाल चला
अक्साई चिन हमारा हड़प चला
अशोक,चंद्रगुप्त मौर्य का राज्य
था कितना बड़ा वह सम्राज्य
पुनः सबको एक सूत्र में जोड़ना है
क्यों अपना अधिकार छोड़ना है?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X