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छात्र हमारे

                
                                                         
                            आज कितने छात्र पढ़ते हैं?
                                                                 
                            
आगे कितने छात्र बढ़ते हैं?
देश का भविष्य सिगरेट पी रहा है
देश का भविष्य पी जहर जी रहा है
कक्षा में हो हल्ला करते हैं
शिक्षकों पर आंख तरेरते हैं
बिना पुस्तक पुस्तिका के आते हैं
बस विद्यालय आते और जाते हैं
न पढ़ना है
न बढ़ना है
न पढ़ने के हजार बहाने हैं
बस स्मार्टफोन चलाने हैं
देश का भविष्य कहां जा रहा है?
प्यारा हिंदुस्तान हमारा कहां जा रहा है?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
58 मिनट पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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