पाकर बड़ा पद और स्थान
नहीं बनता कोई बड़ा इंसान
कर्म और विचार से बनो महान
करके चापलूसी पाना पद है बड़ा आसान
पर करना किसी की चापलूसी है नहीं आसान
वाणी से रसधार टपकाता जो इंसान
बनता वही महान, छोड़ जाता वही निशान
बड़े पद से क्या हुआ,यदि हैं हम नहीं चरित्रवान?
बड़ा पद व बहुत पैसा से बनता नहीं कोई भगवान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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