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बागी बलिया का दिनकर

                
                                                         
                            मैं बलिया का दिनकर
                                                                 
                            
चाह रहा हूं बड़ा कुछ दूं कर
एक हवाई अड्डा चाह रहा हूं मैं
एक और विश्व विद्यालय चाह रहा हूं मैं
बागी बलिया के लिए
बागी बैरिया के लिए
मेरे प्यारे जिला
को क्या मिला?
विकास की धारा बही नहीं
भले जान रहा है मुझे मही
प्रधानमंत्री उगला हमारा जिला
पर प्यार पुष्प अभी तक कहां खिला?
विकास पुष्प अभी तक कहां खिला?
वाराणसी आगे बढ़ गया
बगल में मऊ आगे बढ़ गया
मुजफ्फरपुर पटना आगे बढ़ गया
गोरखपुर आगे बढ़ गया
बागी बलिया कमाया नाम
पर हुआ नहीं यहां विकास का काम
चाह रहा हूं मैं होए विकसित सुरेमनपुर हमारा
होए विकसित गुदरी सिंह के टोला, पांडे पुर हमारा
है नहीं और कोई बड़ी चाह
बस बागी बलिया पकड़ ले विकास की राह
है बस चाह यही
विकसित होए हमारी मही।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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34 मिनट पहले

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