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अंदर अंदर जलने वाले लोग

                
                                                         
                            अंदर अंदर जलने वाले लोग
                                                                 
                            
अहंकार में रहने वाले लोग
बाहर से दिखते हैं चमकदार
शानदार और ईमानदार
ऐसे लोगों से दूर रहूं मैं
ईर्ष्या डाह से दूर रहूं मैं
प्रभु! ऐसी शक्ति देना
प्रभु! ऐसी विश्व भक्ति देना।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 घंटे पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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