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हमार गऊंवा के माटी से सोना निकले

                
                                                         
                            हमार गऊंवा, स्वर्ग से सुंदर
                                                                 
                            
सगरो संसार से सुंदर
अवनी अउर अंबर से सुंदर
अंदर से सुंदर
बहरी से सुंदर लागेला
जहां लोगवा, भोरे भोरे जागेला
उठते कमवा प लागेला
हमार गऊंवा के माटी से सोना निकले
हीरा, चांदी के भंडार निकले
आम अमरूद जामुन केहू ना पूछे
मूरई गाजर आलू केहू ना पूछे
शहर में मटियो बेचात बा
मूरई के पतइयो बेचात बा
गोईठवो बेचात बा
हमार गऊंवा में ई सब घूर प फेंकात बा
जउना के गईयो,भईसियो ना पूछे
केहू ना पूछे
उ दतूनवा शहर में बेचात बा
शहर में केहू केहू से ना बतियावेला
गऊंवा में रोक के घेर के बतियावेला
हाल चाल दिलवा से पूछेला
शहर में केहू केहू ना पूछेला
ना चिन्हेला
हमार गऊंवा में हीरा हेराईल बा
सोना, चांदी हेराईल बा
आव हमरा गऊंवा में
पीपल के छऊंवा में
एक बार
फेर अईब बार बार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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10 मिनट पहले

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