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चुभ गये वो ही मिस्ले ख़ार हमें।

                
                                                         
                            चुभ गये वो ही मिस्ले ख़ार हमें।
                                                                 
                            
जो बताते थे अपना ...यार हमे।

प्यार, इंसाफ, सच, वफ़ादारी।
आप से चाहिए ......ये चार हमें।

इस दवा में है अर्क़ नफ़रत का।
और कर दे न ये ....बिमार हमें।

रख दिए सब उसूल एक तरफ।
चाहिए सिर्फ ...इक़तिदार हमें।

हमको समझाना गैर मुमकिन है।
कोई समझाए कितनी बार हमें।

हमको अब भी यकीन है अंजुम।
एक दिन वो करेंगे.... प्यार हमें।
-अंजुम अल हसन
 
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11 घंटे पहले

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