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अभिमन्यु की जिज्ञासा

                
                                                         
                            चक्रव्यूह में फंसा अभिमन्यु
                                                                 
                            
हे केशव ! कुछ पूछ रहा
कौन है अपना कौन पराया,
ये कैसे जाना जाए?
क्या है सत्य क्या असत्य,
ये कैसे पहचाना जाए?
स्वजन ही जब घात लगाए
किसे अपना माना जाए?
भीष्म, द्रोण ही मौन खड़े हैं
रहस्य कैसे जाना जाए?
युद्ध उद्घोष की प्रतिध्वनि के,
स्वर को कैसे रोका जाए?
क्षत विक्षत हुईं आत्मा
जीवन कहा खोजा जाए।

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4 वर्ष पहले

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