आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

कल्पना के पंख

                
                                                         
                            कल्पना के पंख---
                                                                 
                            

कल्पना के पंख लगाकर—
क्यों न उड़ जाऊँ मैं?
अंबर की नीली चादर पर
एक दीप जलाऊँ मैं।

जहाँ न कोई बंधन हो,
न सरहद की दूरी हो,
सब अपने-से लगते हों,
न कोई बात अधूरी हो।

उन राहों पर निश्छल मन से
गीत नए गाऊँ मैं—
कल्पना के पंख लगाकर
दूर गगन तक जाऊँ मैं!

चाँद-सितारों संग खिलखिलाकर
थोड़ा-सा इठलाऊँ मैं,
सूरज की स्वर्णिम किरणों से
अपना रूप सजाऊँ मैं।

बादल बनकर नभ में बरसूँ,
फूल बनकर मुस्काऊँ मैं,
मंद पवन के संग-संग बहकर
मन की प्यास बुझाऊँ मैं।

जहाँ न आँसू की आहट हो,
न पीड़ा का कोई नाम,
हर धड़कन में प्रेम बसा हो,
हर अधर पर हो मुस्कान।

दुख की धूल झटककर मन से
नई सुबह अपनाऊँ मैं,
सूने मन के आँगन में
आशा-दीप जलाऊँ मैं।

टूटे सपनों को चुन-चुनकर
फिर से उन्हें सजाऊँ मैं,
बीते कल की कड़वी यादें
हँसकर पीछे छोड़ आऊँ मैं।

मन में जितनी चाह छिपी है,
सबको आज बुलाऊँ मैं,
अपने मन के रंगों से फिर
नया जहाँ रचाऊँ मैं।

दुखों से परे उस दुनिया में
प्यार का बीज उगाऊँ मैं,
नफ़रत के सूने आँगन में
ममता के फूल खिलाऊँ मैं।

जिस राह पर कोई न पहुँचा,
उस राह पर दीप जलाऊँ मैं,
भटके मन को थाम प्रेम से
जीने का अर्थ बताऊँ मैं।

न कोई छोटा, न कोई बड़ा हो,
सबका अपना मान रहे,
मनुष्य रहे बस मनुष्य यहाँ,
मन में निर्मल प्राण रहे।

ऐसे सुंदर स्वप्निल जग में
कुछ पल स्वयं बिताऊँ मैं,
फिर उस जग की थोड़ी खुशियाँ
अपनी दुनिया में लाऊँ मैं।

कल्पना केवल उड़ना ही तो
नहीं सिखाती मन को,
वह तो राह दिखाती आगे
थके हुए जीवन को।

अपने भीतर छिपे उजाले से
दुनिया को चमकाऊँ मैं,
कल्पना के पंख लगाकर
जीवन को महकाऊँ मैं।

और जब लौटूँ इस धरती पर—
मन में नया उजास लिए,
अपने हिस्से की खुशियों से
यह दुनिया सजाऊँ मैं।

हाँ, कल्पना के पंख लगाकर—
क्यों न उड़ जाऊँ मैं?
नीले अंबर की सीमा से भी
आगे बढ़ जाऊँ मैं!

क्यों न उड़ जाऊँ मैं...
हाँ, क्यों न उड़ जाऊँ मैं!
- अनिता चतुर्वेदी 'मनस्वरा'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
11 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर