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मेरे अंजाम कोई देख न लेना

                
                                                         
                            मेरे अंजाम कोई देख न लेना,
                                                                 
                            
कोई देखकर मुँह न मोड़ लेना इस महफ़िल में।

मुझ पर कोई इल्ज़ाम न देना,
जताना तो बहुत आसान है।

पर बदलती हवाओं पर मेरा नाम न लिख देना,
सोचकर मुझसे पूछ लेना,
अगर कोई गलती हो जाए।

मेरी फ़रियाद इतनी ही है,
कि कोई तुम्हारा हिसाब न कर दे।
- अनिल शाह 
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52 मिनट पहले

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