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अभी तो आगे बहुत इम्तिहान बाकी हैं

                
                                                         
                            हमारे दिल में क्यों किसी की याद बाकी है
                                                                 
                            
सबसे मिल आए खुद से मुलाकात बाकी है
कितनी बेसब्री थी अंजाम तक पहुंचने की
देखना गौर से था शुरुआत बाकी है
मिटा दिए भी गए,मेरे क़दमों के निशान
और आलम की सफर की थकान बाकी है
जहां पहुंचना था,वहाँ तक नहीं पहुंच पाए
बहुत उड़ने को अभी आसमान बाकी है
जंग खुद से है तो इस बार जरा मुश्किल है
अभी तो गैरों से ज़ख्मों के निशान बाकी हैं
थके हुए हैं पंख फिर भी आसमां पे नजर
थके परिंदों की हौसले की उड़ान बाकी है
बहुत कम सीखा है जिंदगी से आज तलक
अभी तो आगे बहुत इम्तिहान बाकी हैं
जो हमसे खो गया, तो गिला भी क्या करना
अभी वजूद में काफी सी जान बाकी है
बहुत सी बाजियां हारे हुए हम लोग सही
एक शिद्दत की बाजी फिर,बिसात बाकी है
हम गुजरे लम्हों को लौटा तो नहीं सकते हैं
उनकी रुसवाई न हो ये अरमान बाकी है
कदम कदम पर अब कोई सहारा देता है
गए कुछ लोग, साथ कायनात बाकी है
नहीं मगरूर मगर इतनी तो अना रखते हैं
हमारे में बहुत, जिए जाने का सामान बाकी है
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एक दिन पहले

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