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धीरे धीरे

                
                                                         
                            रात ढलेगी धीरे धीरे
                                                                 
                            
सुबह दिखेगी धीरे धीरे
कितनी नमी है और सीलन है
आग लगेगी धीरे धीरे
थककर सोई है ये किस्मत
देख जगेगी धीरे धीरे
मिली खुशी तुझको, ये दुनिया
और जलेगी धीरे धीरे
बच के रहना इस दुनिया से
चाल चलेगी धीरे धीरे
मुझको खोया जान बूझकर
हाथ मलेगी धीरे धीरे
जल्दी में मुझे आना पड़ा
वो भूल सकेगी धीरे धीरे
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4 घंटे पहले

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