जीवन का अनुरागी हूं
पर जीवन से बागी हूं
कुछ चीज़ों का दीवाना
कुछ चीज़ों का त्यागी हूं
तुझसे खफा हूं,पर तेरे
दुख सुख में सहभागी हूं
निःस्पृह हूं मोह से पर
मानवता का रागी हूं
कुछ तो मुझसे दूर रहो
मैं कुछ कुछ बैरागी हूं
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