आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जी भर जियो

                
                                                         
                            जिंदगी है इसको खुश होकर जियो
                                                                 
                            
दिल पे ज़्यादा बोझ मत लेकर जियो।

मौत जब आएगी आ ही जाएगी
उससे पहले तो यहाँ जी भर जियो।

मुश्किलें आती हैं आएँगी मगर
आज की ख़ुशियों को न खो कर जियो।

कौन किसके वास्ते मंसूब है
छोड़ दो सारी घुटन हँसकर जियो।

दूसरों की शर्त भी छोड़ो अनिल
अपनी शर्तों पे उठाके सर जियो।
-पंडित अनिल
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर