भूल जाओगे
तुम मुझे कैसे भूल जाओगे
दिल को अपने महज दुखाओगे।
जब कभी तुमको याद आऊँगा
अश्क़ आँखों से तुम बहाओगे।
दिल में रक्खा है जिस ज़माने को
उस ज़माने से चोट खाओगे।
है जहन्नुम यहीं यहीं ज़न्नत
दर्द दोगे तो दर्द पाओगे।
दौर आएगा एक दिन वो अनिल
गीत जब मेरे गुनगुनाओगे।
-पंडित अनिल
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