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माँ ही दुनिया है

                
                                                         
                            कोई हमसे पूछे दुनिया क्या है?
                                                                 
                            
मेरा जबाव होगा माँ ही दुनिया है l
वही हमे दुनिया मे लाती है l
हमारे लिए दुनिया बनती है l
अन्तर यहि है माँ हमे प्यार देती है l
दुनिया हमारे साथ खेलती है l
माँ खुद से पहले हमारे बारे मे सोचती है l
दुनिया तो हमारे बारे मे सोचती ही नहीं है l
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
10 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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