बर्फीली हवाएँ,उन्नत चोटियाँ
मनमोहक विपिन,हसीन वादियाँ
विराट पर्वत,प्रवाहमयी नदियाँ
हरे भरे मैदान,चहचहाती हुई चिड़ियाँ
इन्हीं दृश्यों में ही जीवन जीने का जुनून मिलता है
प्रकृति की गोद में ही मन को सुकून मिलता है।
प्रातः कालीन सूर्य की लालिमायुक्त आभा
घासों पर बिखरे ओस के मोतियों की प्रभा
शांतिपूर्ण वातावरण में मलयज बयार
सुरभिरहित जीवन में भी ले आती बहार,
इसी चारुता में ही तो सुख का प्रसून खिलता है
प्रकृति की छाँव में ही साँसों को सुकून मिलता है।
अप्रतिम है प्रकृति का सौन्दर्य
जिससे ह्रदय का शूल मिटता है,
तिमिरपूर्ण जीवन में भी
खुशियों का दीप जलता है।
-आनंद प्रताप सिंह
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X