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सफर ए शबाब

                
                                                         
                            हो गया जबसे शुरू, तुमसे मुलाकातों का सफर
                                                                 
                            
खत्म होता ही नहीं, प्यार की बातों का सफर
तेरी बाहौ मे मै, आराम से सो जाता हूं
अब यूं होता है, तय मेरी रातों का सफर
(आनन्द कुमार)
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4 वर्ष पहले

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