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किन्नर

                
                                                         
                            ना पूंछ मुझसे के मैं कौन हूं
                                                                 
                            
ख़ुदा की नेमत हूं रहमत हूं मोहब्बत हूं
ना पुंछ मुझसे के मैं कौन हूं
जो ना निभा पाएगा तू मैं वो किरदार हूं
मैं वफ़ा से भी ज़्यादा वफ़ादार हूं
तेरे समाज ने भले ही ठूकराया है मुझे
मगर मैं इस समाज का पहरेदार हूं
मेरी दी हुई दुआएं तो तू ले लेता है
मगर जो ना कर सके तू मुझसे
मैं वो कारोबार हूं
लोग जानते हैं किन्नर के नाम से मुझे
शायद तू नहीं समझ पायेगा
मैं तुझसे ज्यादा समझदार हूं
मैं लड़ रहा हूँ आज भी मेरे वजूद के लिए
जो ना दे पाया है तू मुझे मैं वो पहचान हूँ
हा मैं किन्नर हूं मैं खुदगर्ज नहीं मैं खुद्दार हूं
-आनंद
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2 वर्ष पहले

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