कुछ तो अच्छा लगा दिल को तुझसे मिलके
जो तुझे खोने की बात पे नम हो जाती हैं अखियां
सवाल ये नहीं कि तुझसे बिछड़ के जी न पाएंगे हम
पर तक़दीर में जब लिखा बिछड़ना ही था , तो मिलाया
ही क्यों था किस्मत ने हमें
चंद मुलाकातों में आप से तुम , तुम से तू बन गया जो
उससे जुदा होने पे कुछ दर्द तो लाज़मी है !!
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