आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जुदा होने पे कुछ दर्द तो लाज़मी है

                
                                                         
                            कुछ तो अच्छा लगा दिल को तुझसे मिलके
                                                                 
                            
जो तुझे खोने की बात पे नम हो जाती हैं अखियां
सवाल ये नहीं कि तुझसे बिछड़ के जी न पाएंगे हम
पर तक़दीर में जब लिखा बिछड़ना ही था , तो मिलाया
ही क्यों था किस्मत ने हमें
चंद मुलाकातों में आप से तुम , तुम से तू बन गया जो
उससे जुदा होने पे कुछ दर्द तो लाज़मी है !!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर