इक सफ़ेद रंग मुझको दे देना ।
जो तुम दूजा कोई रंग न दे सको तो
मैं अपनी खुद्दारी का ईमान का रंग
भर लूंगी !
खाली पन्ने दे देना जो किस्मत की
लकीरें न खींच सकों तो
अपनी मेहनत से अपने हौसलों से
इरादों से भर लूंगी उन पन्नो को
यूं ज़िंदगी की दास्तां मुझको
लिख लेने दो जो तुम लिख न सकों तो !!
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