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ज़िंदगी का सबब मिल गया

                
                                                         
                            तुम को जाने के लिए भी ना कहूंगी
                                                                 
                            
तुम जो ना रुके तो भी शिकायत ना करूंगी
कोई बेवजह तो इस जहां में आता नहीं है
हर कोई खुशियों भरा संसार पाता नहीं है
कुछ यादों के ख़ज़ाने मेरे पास भी है
समझो कि सबब ऐ ज़िंदगी का मिल गया मुझे
शायद कभी हमारी मुलाकात ना हो
फिर कभी बात भी हो के बात भी ना हो
ना मैं इंतज़ार तुम्हारा करूंगी
ना तुम इंतज़ार मेरा करो ये भी कहूंगी
कुछ यादों के ख़ज़ाने मेरे पास भी है
समझो कि सबब ऐ ज़िंदगी का मिल गया मुझे ।
-अनामिका
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8 महीने पहले

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