लाइलाज़ है ज़ख्म मेरा
यूं वक़्त जाया ना करिए मेरी तीमारदारी में
दवा दुआ से पीर ना मिटेगी मेरी
रोग इश्क का है इश्क का मरहम
ही भरपाएगा ये ज़ख्म ।
हे ....
-अनामिका
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