यूं रिश्ता निभाती मुझसे मेरी ज़िंदगी
लब मुस्कुराना नहीं छोड़ते
अंखियां नम होना नहीं छोड़ती
दिल का धड़कना बंद नहीं होता
सांसों के तार बजना नहीं भूलते
परछाइयां साथ नहीं छोड़ती
उदासियां मुख नहीं मोड़ती
नेकिया छोटे रस्ते नहीं चुनने देती
सीरत भटकने नहीं देती
खुद्दारी ईमान नहीं बेचती
आत्मा ज़मीर मरने नहीं देती !!
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