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वो आया ही था , जाने के लिए

                
                                                         
                            वो आया ही था , जाने के लिए !!
                                                                 
                            
वो जाने वाला मुसाफिर था , इक रात का मेहमान भर
फिर भी आंख भर आई तो क्या करें उसके जाने पर !!
दिल को जाने क्यूँ भरम हुआ !
मुहब्बत कर बैठा , उस अजनबी से तो क्या करें !
वो आया ही था जाने के लिए !!
रोकते भी हम तो कोई हक न था !
रुका था बस वो बारिश भरी रात में !
सर छिपाने के लिए !
वो आया ही था , जाने के लिए !!
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8 महीने पहले

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