यूं खुद पे सितम न ढा
बदलना फ़ितरत हैं लोगों की
यूं न उनके बदलने पे अपना ज़ी तू जला
वक़्त बड़ा अनमोल है किसी नेक काम में
तू कर इसे ज़ाया !!
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