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वाह री दुनियां वाह री दुनियां दारी

                
                                                         
                            वाह री दुनियां , वाह री दुनियां दारी
                                                                 
                            
जो फुल जैसे थे, उन्हें पैर तले
कुचलकर आगे बढ़ गए
चापलूसी मक्खन लगाने वाले, जूतों को
सर पे बैठा लिया ।
जिसने जितनी पिलाई महुआ वो उतनी
बहुमत से जीत गया
सुधार करने वाला समाज को विकसित
शिक्षित करने वाला सर पिटते रह गया ।
पोल खोलो सच्ची कड़वी बातें बोलो
तो सब बुरा मान जाते है ,अपने होठ सीलो
आंखे बंद कर लो , तब लोग अपनाते है ।
अपील - दलील करने वाला कटघरे में
खड़ा है , सारे आम गुंडा - गर्दी करने वाला
मर्सडीज में घूम रहा है ।
देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करने वाले
सबसे पहले पहले अपना घर भरते है सब ।
बीपीएल कार्ड का प्रावधान है पाठशाला और
अस्पतालों में , गरीबों की गरीबी देख कर ,
पढ़ते पर अमीरों के बच्चे बीपीएल कार्ड से
अस्पतालों में अमीर मुफ्त इलाज़ करवाते हैं ठाट से ।
खेल के मैदानों में देश के लिए खेलने वाले
करोड़ो पाते हैं , देश के लिए जान देने वाले
शाहिद की मां , पत्नी , बच्चे बस दो दिन
अखबारों में शाबाशी पाते हैं ।
वाह री दुनियां वाह री दुनियां दारी !!
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5 महीने पहले

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