तुम मिले फिर भी मै तन्हा हूं
क्योंकि तुम हो मेरी खामोशी में
मेरे शब्दों में
तुम हो मेरी सोच में
मेरे ख्यालों में
तुम हो मेरे ख्वाबों में
मेरे जेहन में
इसके सिवा कहीं नहीं वजूद तुम्हारा !!
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