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तुमको भी मुहब्बत है हमसे

                
                                                         
                            काश हम तुमको बता पाते , कितनी मुहब्बत है तुमसे
                                                                 
                            
तुम बिन ज़िंदगी धुआं धुआं , खुशियां है दूर हमसे
इस तन्हाई में काश तुम आ जाओ कहीं से मिलने हमसे
दिल की बेचैनियों को करार आ जाएगा
सांसों के उठते तूफानों को किनारा मिल जाएगा
इतना ना सताओ सनम , कह भी दो
कि तुमको भी मुहब्बत हमसे !!
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3 महीने पहले

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