धुंधला ही सही मेरे तसव्वुर में
तेरा खयाल बाकी अब भी है
तू मुझसे दूर ही सही
वो तेरे पहले गुलाब की खुशबू
मेरी सांसों में बाकी अब भीं है
लोग कहते है , मै नशे में हूं
तेरी मद मस्त आंखों के जाम
का नशा बाकी है अब भी है
उस नशे से
मदहोश तेरा साकी अब भी है
धुंधला ही सही मेरे तसव्वुर में
तेरा खयाल बाकी अब भी है
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