जिसने कोशिश की हंसाने की
खुद उस के हिस्से में आंसु रह गया
कोशिश की जिसने बसाने की
वो खुद तन्हा रह गया
सुना था ख़ुदा के घर देर है अंधेर नहीं
इस उम्मीद में बैठा इंसान आखिरकार
मौत की बांहों में सो गया !!
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