दिल को वो सुकून दे दिया आपने
जो बरसों से था न मिला
कोई प्रेम प्रस्ताव नहीं था आपका मुझे
बस मेरी परवाह थी इक सच्चे दोस्त की तरह
आपके अल्फाजों में !!
दिल ने भी कहा आपने हे विजयी
मेरे मन को बाग बाग कर दिया !!
मैने बार - बार कहा कि चुनिंदा लोग
ही , है मेरी ज़िंदगी मैं उनमें से इक
नाम आपका भी रहेगा सदा !!
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