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रिश्ते तो सिर्फ रिश्ते होते हैं

                
                                                         
                            पैदाइश से जन्मे खून के रिश्ते
                                                                 
                            
घर की चार दिवारी तक
घर की दहलीज पार बने
आस - पास के पड़ोस में बने रिश्ते
शिक्षा के मंदिर में संगी साथी के मन भावन रिश्ते
काम काजी क्षेत्र के रिश्ते
सोच विचारों से बनते दोस्ती के रिश्ते
दिल के जज्बातों के रिश्ते
ना जात पात देखे ना ऊंच नीच जाने
ना अमीरी गरीबी की जंजीरों में जकड़े
कभी अपने तो कभी अनजाने से ये रिश्ते
रिश्ते तो सिर्फ रिश्ते होते हैं।
-अनामिका
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9 महीने पहले

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