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प्रेम रूपी कमल खिलेगा

                
                                                         
                            खुशियां बांटों दुख तो सब की जिन्दगी में है
                                                                 
                            
मुस्करा कर , गले लगाओ आखिर जिंदगी
कितनी है !
भेद - भाव छोड़ो , हिंसा से मुख मोड़ो
हर धर्म ने मजहब ने यही बात कही है!
लड़ झगड़ कर क्या मिलेगा
शांति , अमन से ही मानव हृदय में
प्रेम रूपी कमल खिलेगा !!
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3 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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