चलते चलते राह में टकरा जाना
टकरा के फिर साथ चलना
कोई बड़ी बात नहीं
गलतियां भी हो गिले शिकवे भी हो
तो भी साथ बना रहे , रिश्ता सचा रिश्ता
वहीं कहलाता है , वरना आज के दौर में
रिश्ता बनाना जितना आसान है
निभाना बहुत मुश्किल है।
-अनामिका ..
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