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मुझसे मिलवा दो कोई मुझे

                
                                                         
                            मुझसे मिलवा दो कोई मुझे
                                                                 
                            
मुझसे आईना मेरी पहचान
मांगता है , दुनियां की इस भीड़ मैं
खो गई हूं कहीं मैं !!
सांसों के चलने बस का जो नाम
ज़िंदगी है , तो बेशक जिंदा हूं मैं
पर क्यों धड़कता है ये दिल
इसकी जुर्रत तो मुझे भी नहीं है
मुझसे मिलवा दो कोई मुझे
चलो कोई नहीं , इतनी तो
तसल्ली दिला दे कोई मुझे
ज़िंदगी की तरह बैचेन न हो रूह मेरी
मेरी कब्र पर सजदा करने आजाएगा
कोई मुझे !!
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5 महीने पहले

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