मुझको मेरी खता तो बताइए
सर आंखों में होगी वो सजा
चाहे तो आजमाइए
गर हूं मैं गुनहगार तो ,
मेरी फितरत नहीं
किसी का दिल तोड़ना
मन में अपने , मेरे लिए
ऐसा संदेह न लाइए
जाने किस बात से हुए तुम खफा
बे कसूर हूं मैं मुझ पे यूं न इल्ज़ाम लगाइए
मेरी दुनियां खुद ही मै उलझी है बहुत
बे वजह और इसे न उलझाए
मुझको मेरी खता तो बताइए !!
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