ये जमीं सुनी लगती है मुझे
ये आसमा सुना लगता है मुझे
जो टूटा है अंदर मेरे
वो बाहर की दुनियां जोड़ न पाएगी
फिर किसी से क्या गिला करूं
मुझे तो शिकायत अपने ख़ुदा से है !!
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