मैं शीर्षक तुम्हारी
तुम्हारी कविता
बड़े दिल से लिखी
तुमने मेरी कसीदा !!
दमकता रहे दरमिया
ये नूर दोस्ती का
रौशनी खत्म न हो
इसकी ,सम्हाल कर
रखना ये खूबसूरत नगीना !!
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