तुम मेरे पथ प्रदर्शक हो
जो तुम न होते तो मै भी न होती
ज्ञान की जिस गंगा में तुमने मुझको
डुबोया है निश्चित ये मेरे लिए
कल्याणकारी था
मै हारी थी मन से तुमने
मुझे संबल दिया , लड़ने की क्षमता दी
अडिग रहने की ताकत दी
हार न मानने का जज्बा दिया
तुम्हारे मुझपे भरोसा करने के
विश्वासी चराग ने मेरा जहां रौशन कर दिया
तुम और कोई नहीं , मेरा आत्म विश्वास हो
जो मुझमें रचा बसा है !!
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