मुझे इक तार भी नहीं जोड़ना
जाने के बाद , दोबारा रुख नहीं
मोड़ना जाने के बाद
क्योंकि मैंने देर से सही पर
अंतिम सत्य समझ लिया है !!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X