कितनी आसानी से नई दुनिया बसा लेते है लोग ।
इधर इक से निगाह फिरी की नहीं नया चेहरा
निगाहों में बसा लेते है लोग !
दुहाई देते थकते नहीं थे , मुहब्बत की जो कभी
खुद अपनी कही , कितनी जल्दी भूल जाते है लोग !!
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