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कि मैं चाहूं तुम्हें ।

                
                                                         
                            तुमको चाहत है कि मैं चाहूं तुम्हें
                                                                 
                            
चलो कबूल है मुझे
पर तेरा - मेरा मिलना मुमकिन नहीं
क्या ये बात मंजूर है तुम्हें
दूर वैसे हम इक हो के रहेंगे
धरा और आसमा है जैसे
बोलो क्या साथ निभाओगे
हामी भरी तो मुझको
हमेशा अपने करीब
पाओगे !
तुमको चाहत है कि मैं चाहूं तुम्हें !!
तेरा - मेरा प्यार होगा श्री राधा श्याम सा
क्या तुम इस मीरा के मीत बनोगे
तन से तन के मिलन की दूरी
तुमको खलेगी न
बोलो जो ये इकरार है तुम्हें
हामी भरी तो मुझको
हमेशा अपने करीब
पाओगे !
तुमको चाहत है कि मैं चाहूं तुम्हें
चलो कबूल है मुझे !!
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6 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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