आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

कर्म क्षेत्र में निर्णय सबके लिए समान

                
                                                         
                            कर्म क्षेत्र में निर्णय सबके लिए समान
                                                                 
                            
जो जैसा कर्म करेगा वैसा फल का है विधान
न कोई बड़ा न कोई छोटा
न सुंदरता का घमंड
न शौहरत का अभिमान
न बलवान की ताकत
कर्म क्षेत्र की इक नीति
इक नियम , तौलता सबको
इक तराजू में
न जाति -- पाती न धर्म के पाखंडियों
का पाखंड
न सियासी न राजनीति किसी की न चली
कर्म क्षेत्र में न कोई भेद -- भाव
न ऊंच -- नीच का तामझाम
कर्म क्षेत्र में निर्णय सबके लिए समान
जो जैसा कर्म करेगा वैसा फल का है विधान !!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर