किस्मत ने मिलाया तो हमे , पर लगता नहीं
कि थोड़ी देर कर दी
अलग --- अलग राह के मुसाफ़िर है हम
वैसे मिलना -- बिछड़ना तो लगा ही रहता
है जीवन में , पर चलो इतना ही सही
कम से कम मिले तो हम !!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X