मेरी वफ़ा को तुम यूं बेवफ़ाई का इलज़ाम न दो
साथ रहना ही मुहब्बत तो नहीं
बहुत ग़म हे दुनिया में मेरी , मुहब्बत के सिवाय
कुछ अपनों की जरूरत हूं मैं जिन्हें पूरा करना
खुद मेरी हर जरूरत से ज्यादा जरूरी है मेरे लिए
मेरे लिए भी वही थे खड़े कभी , उन्हें तन्हा कैसे
छोड़ दूं अभी
कभी मेरी जगह खुद को रख के देखना !!
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