वक़्त का तकाज़ा है , सहाब
जब साथ होता है वक़्त तो
जुगनू की रौशनी भी
उम्मीदों के बंद दरवाज़ों के , भीतर भी
सुराखों से पहुँच ही जाती हैं !
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