जब भी खुद को समय दिया
कुछ नया लिख दिया
कुछ अपना सच लिखा
कुछ दुनियां का यथार्थ
कुछ मुहब्बत के फसाने
लिखे , भीड़ से अलग
इधर - उधर की बातों से दूर
खुद को यूं हमने सुकून दिया ।
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