खबर नहीं मुझको के मेरे फ़ालक में
मुहब्बत के सितारे हो न हो
तुम हमारे हम तुम्हारे हो न हो !!
मुहब्बत का गुल तो खिज़ाँ में ही खिलता है
क्या पता उस गुल की किस्मत में बहार हो न हो !!
दिल का तार जुड़ा दिल से मगर
क्या पता कभी मुलाकात हो न हो !!
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